फ्री राम मंदिर प्रसाद वाली खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट बैन हो गया, दिल्ली हाई कोर्ट का झटका.

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खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट बैन

22 जनवरी को भव्य तरीके से राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जा चुकी है. इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री के साथ-साथ कई बड़े मंत्री और सेलिब्रिटी उपस्थित हुए थे. और उधर दिल्ली हाई कोर्ट ने फ्री राम मंदिर प्रसाद वाली खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट बैन करने का आदेश दे दिया. आइए जानते है कि खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट बैन क्यों हुवा?

23 जनवरी से आम जनता के लिए भी राम मंदिर खोल दिए जाएंगे. अब कोई भी आम देशवासी मंदिर जाकर रामलला का दर्शन कर सकते हैं. लेकिन यह मामला राम मंदिर के फ्री प्रसाद से जुड़ा है. कुछ दिनों पहले खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट के नाम से राम मंदिर का फ्री प्रसाद घर तक डिलीवरी करने को लेकर बुकिंग कराई गई थी. जिसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट को बड़ा झटका दिया है. इस आर्टिकल में जानें क्या है पूरा मामला.

खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट ने फ्री राम मंदिर प्रसाद की ऑनलाइन ली थी बुकिंग

खादी ऑर्गेनिक एक प्राइवेट कंपनी है जिसने अपने वेबसाइट पर यह विज्ञापन डाला था कि जो भी अयोध्या नहीं जा पा रहे हैं और फ्री में राम मंदिर का प्रसाद पाना चाहते हैं. उन्हें ऑनलाइन बुकिंग करनी है. जिसके बाद लगभग लाखों लोगों ने ऑनलाइन बुकिंग की थी. बुकिंग करने का दो तरीका था जिसमें घर पर डिलीवरी के लिए डिलीवरी चार्ज देना था. और निशुल्क भी डिलीवरी का तरीका दिया गया था जो बहुत ही प्रैक्टिकल नहीं लग रहा था. इसलिए अधिकतर लोगों ने डिलीवरी चार्ज के साथ ही बुकिंग की थी.

इस कंपनी ने दावा किया था कि यह राम भक्तों को घर बैठे ही प्रसाद पहुंचाएंगे.

खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट बैन

उठे सवाल खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट रियल या फेक

इसके बाद यह सवाल उठने लगा था कि यह खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट रियल है या फेक है. राम मंदिर निर्माण से जुड़ी संस्थाओं ने साफ-साफ यह कहा था कि किसी भी प्रकार से खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट उनसे जुड़ी हुई नहीं है. ना ही फ्री में घर-घर तक प्रसाद पहुंचना राम मंदिर निर्माण से जुड़ी किसी संस्था की योजना है. ना ही इस तरह की कोई सरकारी घोषणा भी की गई है.

वहीं खादी और ग्रामोद्योग आयोग की ओर से भी इसको लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई थी. कहा गया था कि यह वेबसाइट खादी के नाम का मिसयूज कर रहा है. यह कंपनी किसी भी तरीके से खादी ग्रामोद्योग से जुड़ा हुआ नहीं है. और खादी ग्रामोद्योग इस तरह की कोई योजना लेकर नहीं आया है कि वह घर-घर तक प्रसाद पहुंचाएंगे.

अब तक क्या-क्या हुआ khadi organic prsad बुकिंग से लेकर बैन तक

अब तक खादी ऑर्गेनिक नामक वेबसाइट ने अयोध्या राम मंदिर प्रसाद के बुकिंग को लेकर विज्ञापन डाला. जिसके बाद लोगों ने राम मंदिर प्रसाद की बुकिंग की. जब यह मामला सामने आया तो कोर्ट ने इसके जांच के आदेश दे दिए. इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर का प्रसाद निशुल्क घर तक पहुंचाने के लिए बुकिंग करने वाली वेबसाइट को निलंबित करने का आदेश दिया है.

Free Ram Mandir Prasad पर हाई कोर्ट ने क्या कहा

हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि इस वेबसाइट ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग की सद्भावना का फायदा उठाया है. वेबसाइट ने भारतीय और विदेशी ग्राहकों को अपने फायदे के लिए गुमराह किया है, पैसा ट्रांसफर कराया है. और उन्हें धोखा दिया. अदालत ने कहा कि वेबसाइट के मालिक ने प्रसाद भेजने का वादा तो किया लेकिन भेजने की पुष्टि को लेकर रसीद या सबूत प्रदान किए बिना लोगों से पैसे ले रही थी.

Khadi Organic Website BANNED

खादी और ग्राम उद्योग उद्योग ने khadi organic वेबसाइट के खिलाफ किया मुकदमा दायर

खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने खादी ऑर्गेनिक नामक प्राइवेट वेबसाइट के ऊपर ट्रेडमार्क उल्लंघन का मुकदमा दायर किया है. अदालत ने भी अपनी जांच में यह पाया की खाड़ी ऑर्गेनिक चिन्ह में खादी ट्रेडमार्क शामिल किया गया है और इसी नाम के साथ वाली वेबसाइट से फ्री राम मंदिर प्रसाद की ऑनलाइन बुकिंग कराई गई थी. खादी ऑर्गेनिक चिन्ह में खादी ट्रेडमार्क शामिल है, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के साथ संबंध को लेकर गलत धारणा पैदा करता है.

कुल मिलाकर क्या है आरोप जिससे खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट बैन हुवा

खादी ग्रामोद्योग खादी ट्रेडमार्क के साथ झूठा संबंध बनाकर अपनी वेबसाइट पर खुले तौर पर जनता के साथ धोखाधड़ी कर रहा था. याचिका में यह कहा गया है कि कोई भी वेबसाइट खादी चिन्ह का दुरुपयोग नहीं कर सकते हैं. वह ऐसा भ्रम नहीं फैला सकते हैं कि वह खादी ग्रामोद्योग की ओर से प्रसाद वितरित कर रहे हैं.

कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला “खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट बैन”

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट खादी और ग्रामोद्योग उद्योग के नाम और विश्वास का फायदा उठाकर ग्राहकों को धोखा दे रही थी. इसके साथ-साथ बिना कोई प्रूफ या रसीद दिए वह गलत तरीके से पैसे ले रही थी. जो राम मंदिर प्रसाद को के नाम पर लिया गया था. यही कारण है कि कोर्ट ने खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट पर चीजों को बेचने और विज्ञापन लगाने से रोक लगा दी है. यानी वेबसाइट को बैन कर दिया.

लोगों के ram mandir prasad बुकिंग के पैसों का क्या होगा?

जैसा कि कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है कि खादी आर्गेनिक वेबसाइट इस तरह से प्रसाद वितरण नहीं कर सकती है. खादी का नाम का उपयोग कर अपना मार्केटिंग नहीं कर सकती है. ऐसे लोगों में भ्रम फैलता है. तो कंपनी को लोगों के द्वारा भुगतान की गई राशि लौटानी होगी. इसके संबंध में कंपनी ने अपने वेबसाइट पर यह विज्ञापन भी लगाया है कि वह जल्द से जल्द भुगतान की गई राशि को लौटाएंगे.

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3 thoughts on “फ्री राम मंदिर प्रसाद वाली खादी ऑर्गेनिक वेबसाइट बैन हो गया, दिल्ली हाई कोर्ट का झटका.

  1. […] impression that it was with Sri Ram Janmabhoomi Tirtha Kshetra Trust that organized the dedication ceremony is […]

  2. […] Some of the common questions, that why the murti is made of a child and why not the younger version of lord Ram, This is so because Ayodhya is the birthplace of Lord Ram. And the place where the temple is made is the Janmbhoomi of him. So keeping in mind all of these things, and Ayodhya being the place where lord ram spent his childhood, The murti is made for 5-year-old Ram. […]

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